Monday, 2 November 2015

Chand

चाँद हमारी धरती का एकलौता कुदरती उपग्रह है. वैज्ञानिको का मानना है कि आज से 450 करोड़ साल पहले 'थैया' नामक उल्का धरती से टकराया और धरती का कुछ हिस्सा टूट कर अलग हो गया जो कि चाँद बना. उस समय धरती द्रव रूप में थी. चाँद 27.3 दिनो में धरती का एक चक्कर पूरा करता है और धरती के समुंदरों पर आने वाले ज्वार और भाटे के लिए जिम्मेदार है. आईए चाँद के बारे में कुछ रोचक तथ्य जानते हैं-

अब तक सिर्फ 12 मनुष्य चाँद पर गए है.

चांद धरती के आकार का शिर्फ 27 प्रतीशत हिस्सा ही है.

चाँद का वजन लगभग 81,00,00,00,000(81 अरब) टन है.

पूरा चाँद आधे चाँद से 9 गुना ज्यादा चमकदार होता है. (www.rochhak.com)

नील आर्मस्ट्रोग चाँद पर उतरते हुए

नील आर्मस्ट्रोग ने चाँद पर जब अपना पहला कदम रखा तो उससे जो निशान चाँद की जमीन पर बना वह अब तक है और अगले कुछ लाखों सालो तक ऐसा ही रहेगा. क्योंकि चांद पर हवा तो है ही नही जो इसे मिटा दे.

उनके पैर का निशान

जब अंतरिक्ष यात्री एलन सैपर्ड चाँद पर थे तब उन्होंने एक golf ball को hit मारा जोकि तकरीबन 800 मीटर दूर तक गई.

अगर आप का वजन धरती पर 60 किलो है तो चाँद की low gravity की वजह से चाँद पर आपका वजन 10 किलो ही होगा.

जब सारे अपोलो अंतरिक्ष यान चाँद से वापिस आए तब वह कुल मिलाकर 296 चट्टानों के टुकड़े लेकर आए जिनका द्रव्यमान(वजन) 382 किलो था.

चाँद का सिर्फ 59 प्रतीशत हिस्सा ही धरती से दिखता है.

चाँद धरती के ईर्ध-गिर्द घूमते समय अपना सिर्फ एक हिस्सा ही धरती की तरह रखता है इसलिए चाँद का दूसरा पासा आज तक धरती से किसी मनुष्य ने नही देखा.

चाँद का व्यास धरती के व्यास का सिर्फ चौथा हिस्सा है और लगभग 49 चाँद धरती में समा सकते हैं.

क्या आपको पता है चाँद हर साल धरती से 4 सैटीमीटर दूर खिसक रहा है. अब से 50 अरब साल बाद चाँद धरती के ईर्द-गिर्द एक चक्कर 47 दिन में पूरा करेगा जो कि अब 27.3 दिनो में कर रहा है. पर यह होगा नही क्योकि अब से 5 अरब साल बाद ही धरती सुर्य के साथ खत्म हो जाएगी.

सौर मंडल के 63 उपग्रहो में चाँद का आकार 5 वे नंम्बर पर है.

चाँद का क्षेत्रफल अफरीका के क्षेत्रफल के बराबर है.

चाँद पर पानी भारत की खोज है. भारत से पहले भी कई वैज्ञानिको का मानना था कि चाँद पर पानी होगा परन्तु किसी ने खोजा नही.

चाँद के दिन का तापनान 180 डिगरी सेलसीयस तक पहुँच जाता है जब कि रात का -153 डिगरी सेलसीयस तक.

No comments:

Post a Comment